गुरुवार, 5 मार्च 2009

'नियाग्रा फाल'


क्या आपका भगवान पर विश्वास है ? अगर नहीं है, तो इक बार आप 'नियाग्रा फाल' अवश्य जाइये। वहां पहुंचकर शायद पहली बार आपको भगवान की सबलता का अहसास होगा। इतनी ऊँचाई से गिरते जल के सैलाब को देखकर, आप भयभीत भी हो सकते हैं। पर डरिये नहीं, स्वीकार कीजिये उपरवाले के शक्ति और सामर्थ्य को और खो जाइए इस जल-प्रपात में।
'नियाग्रा फाल' हमारे घर से लगभग ८ घंटे के ड्राइव पर है। अगर सुबह के ६ बजे आप सिनसिनाटी से निकले, तो दोपहर २-३ बजे तक आप नियाग्रा पहुँच सकते हैं। नियाग्रा जाने के रास्ते में आपको कोलंबस और एइरी जैसे कई शहर मिलेंगे। बुफैलो सिटी क्रॉस करते ही नियाग्रा आ जाता हैं। बुफैलो पहुँचते ही हम सब काफी उत्साहित हो गये थे। हमारा होटल फाल से ज्यादा दूर नहीं था। होटल पहुंचकर थोड़ा फ्रेश हुए और चल दिए उस हुंकार की ओर , जो सारे वातावरण को अपने अट्टहास से सराबोर किए हुए था। वहां पहुंचकर पता चला 'मेड ऑफ़ द मिस्ट' और 'केव ऑफ़ द विंड' नियाग्रा के दो मुख्य आकर्षण हैं। ये दोने टूर एक दोने से काफी भिन्न है, शायद इसलिए आपको ये दोने टूर करना चाहिए।। 'मेड ऑफ़ द मिस्ट' टूर में आप एक बोट से फाल के करीब जाते हैं। इस दौरान आप नियाग्रा को बड़े अच्छे से महसूस कर सकते हैं। जैसे ही फाल के करीब पहुंचेगे, निश्चय ही आप 'मिस्ट' से भींग चुके होंगे। आपकी आंखे शायद कूदते-फानते जल की छोटी-छोटी बूंदों से नहाकर बंद होना चाहेंगी , फिर भी आप अपनी आंखे खोले रखेंगे और चाहेंगे ऊपरवाले के इस शक्ति पर्दर्शन का पुरी तरह से दीदार करना। जब आप वहां से लौटेंगे तो सिर्फ़ आपकी आंखों में खुशी और ह्रदय में संतुष्टि होगी। अभी आपको वापस नही जाना है, अभी तो आपको 'केव ऑफ़ द विंड' भी जाना है। 'केव ऑफ़ द विंड' टूर में आप नियाग्रा फाल के ठीक नीचे पहुँचते हैं। अमेरिकन सरकार ने जिस बारीकी से 'केव' ( गुफा) का निर्माण करवाया है वो काबिले तारीफ है। गुफा में काफी ठण्ड होती है। गुफा से गुजरकर ही आप नियाग्रा के पास पहुँचते हैं। आप चाहे तो अपने हांथो से गिरते जल को छू भी सकते हैं और अगर आप चाहे तो पुरी तरह नहा भी सकते हैं।। अगर आपको लगता है की आप बहुत ताकतवर हैं तो गिरते जल के थोड़ा और करीब जाईये। काफी तीव्र गाती से गिरते जल का विरोध आप ज्यादा देर तक नहीं कर सकते। नियाग्रा के सबसे नजदीक पहुँचते पहुंचते आप थक चुके होते हैं फिर भी आप लौटने का नाम नही लेते। जब आप वहां से वापस लौटते हैं तो बस यही ख्याल रहता है, काश थोड़ा और रुक सके। नियाग्रा ऐसी जगह है जहाँ आप दुबारा अवश्य जाना चाहेंगे।

9 टिप्‍पणियां:

  1. असली आनन्द लेना है तो कनाडा की तरफ से भी देख लो. ठहर हमारे घर जाना तो टोरंटो भी घूम लोगे और मात्र १.३० घंटे में नियाग्रा. :)

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  2. सच में अदभुत लगता होगा वह कुदरत का नजारा ...चित्र भी लगाते अच्छा लगता .शुक्रिया

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  3. सुन्दर वर्णन लेकिन बस तस्वीरों की कमी रह गई. आभार.

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  4. बहुत सुंदर…..आपके इस सुंदर से चिटठे के साथ आपका ब्‍लाग जगत में स्‍वागत है…..आशा है , आप अपनी प्रतिभा से हिन्‍दी चिटठा जगत को समृद्ध करने और हिन्‍दी पाठको को ज्ञान बांटने के साथ साथ खुद भी सफलता प्राप्‍त करेंगे …..हमारी शुभकामनाएं आपके साथ हैं।

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  5. हिंदी ब्लॉग जगत में आपका स्वागत है ,लेखन के लिए हार्दिक शुभकामनाएं ............
    होली के शुभ पर्व पर बधाई ...........

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  6. ब्लोगिंग जगत मे स्वागत है
    बधाई
    कविता,गज़ल और शेर के लि‌ए मेरे ब्लोग पर स्वागत है ।
    मेरे द्वारा संपादित पत्रिका देखें
    www.zindagilive08.blogspot.com
    आर्ट के लि‌ए देखें
    www.chitrasansar.blogspot.com

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  7. हिन्दी ब्लॉगिंग संसार में आगमन पर बधाई. कामना है कि आपका ब्लॉग नवीनतापूर्ण और दीर्घायु हो. ज्यादा से ज्यादा पढें और दूसरों के ब्लॉग देखें. कुछ अच्छा लगे तो कमेन्ट करें, जैसे मैंने अभी किया. शुभकामनाएं.

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  8. होली की मुबारकबाद,पिछले कई दिनों से हम एक श्रंखला चला रहे हैं "रंग बरसे आप झूमे " आज उसके समापन अवसर पर हम आपको होली मनाने अपने ब्लॉग पर आमंत्रित करते हैं .अपनी अपनी डगर । उम्मीद है आप आकर रंगों का एहसास करेंगे और अपने विचारों से हमें अवगत कराएंगे .sarparast.blogspot.com

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